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Shrawan Maas: सावन, भगवान शिव को समर्पित वह पावन मास है जब उनकी उपासना से न केवल मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं, बल्कि जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि भी आती है। इस विशेष अवसर पर पारद शिवलिंग की पूजा करने से अनंत पुण्यों की प्राप्ति होती हैं।

पारद शिवलिंग कैसा होता है | पारद शिवलिंग का महत्व

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पारद, यानि पारा (Mercury), जिसे आयुर्वेद और तंत्र शास्त्रों में “जीवंत धातु” कहा गया है, अत्यंत शक्तिशाली और आध्यात्मिक रूप से ऊर्जावान होता है। शास्त्रों में पारद को महादेव जी की सबसे प्रिय धातु बताई गयी है।

जब इस पवित्र धातु से शिवलिंग का निर्माण किया जाता है, तो वह एक सकारात्मक ऊर्जा केंद्र बन जाता है, जो घर या पूजा स्थल को Positive Vibrations से भर देता है। यह बेहद चमकदार, चाँदी जैसे रंग का और चिकना होता है। असली पारद शिवलिंग बनाने की विधि रसा शास्त्र की नियमों के आधार पर बनायी जाती है जिससे पारे की सभी अशुद्धियाँ दूर कर के एक सिद्ध धातु में बदल दिया जाता है।

असली पारद शिवलिंग की पहचान (Asli Parad Shivling Kaisa Hota Hai?)

कई प्रश्न आते है कि असली पारद शिवलिंग कैसा होता है या असली पारद शिवलिंग को कैसे पहचाने ?

असली पारद शिवलिंग अपने आकार के विपरीत भारी होता है, चुंबक से आकर्षित नहीं होता और इसकी सतह चिकनी व चमकदार होती है। घिसने पर ज़्यादा काले निशान नहीं छोड़ता थोड़े बहुत हल्के चांदी के निशान छोड़ता है।

पारद शिवलिंग की पूजा के लाभ (Parad Shivling Benefits)


• बुरी शक्तियां आसपास नहीं भटकती और सभी ग्रह शांत होते है।

• घर में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है ।

• पारद शिवलिंग के स्पर्श से ही पुण्य कर्मों की प्राप्ति होती है।

• आर्थिक समृद्धि और माँ लक्ष्मी का वास होता है ।

• रोग, शोक, भय और दुर्भाग्य दूर होते हैं ।

• मन को अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है ।

• कुण्डलिनी जागरण और ध्यान में सहायता मिलती है ।


सावन में पारद शिवलिंग की ही पूजा क्यों करें?

सावन मास में भगवान शिव स्वयं पृथ्वी पर विशेष रूप से सन्निहित रहते हैं। पारद शिवलिंग में स्वयं भगवान शिव का वास माना जाता है। इस समय यदि कोई श्रद्धालु असली पारद शिवलिंग का विधिपूर्वक पूजन करता है, तो उसे हजारों वर्षों के तप का फल मिल सकता है।

विशेषतः सोमवार के दिन पारद शिवलिंग पर दूध, गंगाजल, शहद और बेलपत्र अर्पित करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होते हैं।

ऐसी मान्यता है की जहाँ पारद शिवलिंग की पूजा होता है वहां माँ लक्ष्मी का वास हमेशा होता है।

शिव पुराण और लिंग पुराण जैसे पवित्र ग्रंथों में पारद शिवलिंग का महत्त्व बताया गया है।

शास्त्रों के अनुसार असली पारद शिवलिंग में कई तरह की शक्तियाँ आ जाती है क्यूंकि पारद एक सिद्ध धातु मानी जाती है।

कहाँ से लें असली पारद शिवलिंग? (Asli Parad Shivling Kahan Se Khareede?)

आज के समय में बाज़ार में नकली पारद शिवलिंग की भरमार है, जो सिर्फ धातु मिश्रण होते हैं और जिनमें कोई आध्यात्मिक ऊर्जा नहीं होती। ऐसे में यदि आप असली पारद शिवलिंग लेना चाहते हैं, तो AstroDevam और OriginalParad.com एक विश्वसनीय विकल्प है।

क्यों खास है AstroDevam का पारद शिवलिंग?

• भारत सरकार से “Original Parad” लिखने का एकमात्र अधिकार प्राप्त

• प्राचीन वैदिक विधियों से अभिमंत्रित किया गया

• शुद्ध पारद और बिना किसी मिलावट के निर्माण

यदि आप इस सावन भगवान शिव को प्रसन्न कर जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाना चाहते हैं, तो पारद शिवलिंग की पूजा अवश्य करें।

ध्यान रखें कि पारद शिवलिंग को कभी भी लोहे, सोने या स्टील की थाली पर न रखें, तांबे या पीतल की थाली उपयुक्त होती है। यह धीरे-धीरे सोने को खा जाता है और लोहा और स्टील को तामसिक माना जाता है ।

शुद्ध पारद शिवलिंग ऑर्डर करें

1- पारद शिवलिंग की पूजा कैसे करनी चाहिए?

प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शिवलिंग को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराएं। फिर दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें। बिल्वपत्र, सफेद फूल, चंदन, धूप, दीप अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।

2- पारद शिवलिंग घर में रखना चाहिए या नहीं?

हां, पारद शिवलिंग घर में रखना अत्यंत शुभ माना जाता है, यदि:

उसे विधिवत् पूजन स्थल पर रखा जाए। इस बात का ध्यान रखें कि घर में साफ़ – सफाई का वातावरण हो। मास – मदिरा का सेवन न हो और शिवलिंग की नियमित रूप से पूजा हो।

3- सावन के महीने में शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए?

गंगाजल या शुद्ध जल (नित्य अभिषेक), बिल्वपत्र (त्रिदल वाला, उल्टा नहीं होना चाहिए), दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत), धतूरा, भांग, सफेद फूल (विशेषकर आक का फूल), चंदन, काले तिल, जनेऊ । यह चढ़ाने के बाद “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना अनिवार्य माना जाता है।

4- पारद शिवलिंग किस दिन खरीदना चाहिए?

पारद शिवलिंग को सोमवार, श्रावण मास के किसी भी दिन, महाशिवरात्रि, त्रयोदशी या श्रावण पूर्णिमा जैसे पवित्र दिनों पर खरीदना उत्तम होता है।
इन दिनों पारद शिवलिंग खरीदना अत्यन्त शुभ होता है ।